• 17/05/2026

कोल इंडिया की एक और सहायक कंपनी शेयर बाजार में होगी लिस्ट, जल्दी IPO लाने की तैयारी

कोल इंडिया की एक और सहायक कंपनी शेयर बाजार में होगी लिस्ट, जल्दी IPO लाने की तैयारी

भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सहायक कंपनियों में से एक, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL), अब शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी के IPO (आम जनता में हिस्सेदारी बिक्री) की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस IPO के तहत, कंपनी नए शेयर जारी करेगी और साथ ही, कोल इंडिया की ओर से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के माध्यम से 25 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।

यह प्रस्ताव DIPAM और कोयला मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है, और कोल इंडिया और MCL के बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है। रूपरेखा के मुताबिक, कोल इंडिया लिमिटेड MCL के IPO में मौजूदा शेयरों को OFS के जरिए और संभवतः एक या अधिक चरणों में बेच सकता है। इसके अलावा, कंपनी बाद में फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (FPO), क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या SEBI की मंजूरी प्राप्त अन्य तरीकों से पूंजी जुटा सकती है। यह प्रक्रिया एक या अधिक चरणों में, एक साथ या अलग-अलग भी की जा सकती है।

**2030 तक सभी सहायक कंपनियों का लिस्टिंग का लक्ष्य**
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि 2030 तक, कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट किया जाए। इसका उद्देश्य कंपनियों की निगरानी को मजबूत बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के जरिए कंपनी के मूल्य को बढ़ाना है। वर्तमान में, कोल इंडिया की 8 सहायक कंपनियां हैं— इनमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स, भारत कोकिंग कोल, सेंट्रल कोलफील्ड्स, वेस्टर्न कोलफील्ड्स, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स, MCL, और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिज़ाइन इंस्टीट्यूट (CMPDIL)।

कोल इंडिया के बोर्ड ने पहले ही SECL में अपनी 25 प्रतिशत हिस्सेदारी OFS के जरिए बेचने और 10 प्रतिशत तक नई इक्विटी जारी करने की मंजूरी दी है।

**पहलू: पहले भी हो चुकी हैं सहायक कंपनियों की लिस्टिंग**
इससे पहले, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी, जिसका पब्लिक इश्यू लगभग 1,068.78 करोड़ रुपये का था। वहीं, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिज़ाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड मार्च 2026 में NSE और BSE पर लिस्ट हुई, जिसके IPO का आकार 1,841.45 करोड़ रुपये था।

**भविष्य की योजनाएं**
अब, कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों को भी लिस्टिंग की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है, जिससे कंपनी के परिसंपत्तियों का मूल्यांकन बढ़ेगा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।