• 06/08/2025

तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त, 17 सूत्रीय मांगों पर राजस्व मंत्री के साथ बनी सहमति

तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त, 17 सूत्रीय मांगों पर राजस्व मंत्री के साथ बनी सहमति
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छत्तीसगढ़ में 28 जुलाई से 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए तहसीलदारों ने मंगलवार को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारियों ने राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के साथ हुई बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। इस फैसले से प्रदेशभर में रुके हुए नामांतरण, सीमांकन, और भू-अधिकार अभिलेख जैसे कार्यों का सुचारु संचालन फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

राजस्व मंत्री ने दिया आश्वासन

बैठक में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग शासन की रीढ़ है और अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने तहसीलदारों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता पर लेने का आश्वासन दिया। बैठक में राजस्व सचिव, राजस्व संचालनालय के संचालक, उप सचिव सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। संघ के प्रतिनिधियों ने 17 सूत्रीय मांगों को विस्तार से रखा, जिस पर मंत्री ने गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

क्या बनी सहमति?

बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:

  •  डिप्टी कलेक्टर पद पर 50:50 के अनुपात से पदोन्नति और सीधी भर्ती की व्यवस्था बहाल की जाएगी।
  • नायब तहसीलदार और तहसीलदार को राजपत्रित दर्जा देने के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
  • लंबित पदोन्नतियों और ग्रेड पे से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण होगा।
  • सभी तहसीलों में अधिकारियों को सरकारी वाहन और ड्राइवर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि लॉ एंड ऑर्डर और प्रोटोकॉल ड्यूटी में सुविधा हो।
  • अनुशासनात्मक मामलों में बिना वैध प्रक्रिया के हुए निलंबन/अभियोजन की 15 दिन में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

संघ ने जताया सरकार पर भरोसा

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत सिंह राठौर, प्रदेश सचिव प्रशांत पटेल, और प्रवक्ता शशिभूषण सोनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरकार की सकारात्मक पहल की सराहना की। संघ ने भरोसा जताया कि शासन समयबद्ध तरीके से लंबित मांगों का समाधान करेगा। उन्होंने इसे संवाद और समन्वय से समस्याओं के समाधान का एक सफल मॉडल बताया।

प्रदेश में राजस्व कार्य फिर से शुरू

हड़ताल समाप्त होने से प्रदेश में रुके हुए राजस्व कार्यों, जैसे नामांतरण, सीमांकन, और भू-अधिकार अभिलेखों का काम फिर से शुरू हो सकेगा। यह फैसला आम जनता के लिए भी राहत की खबर है, क्योंकि हड़ताल के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित हो गए थे।

बैठक में संघ के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बनी सहमति से तहसीलदारों की मांगों पर अमल की उम्मीद जगी है, और यह कदम प्रशासनिक सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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