• 10/07/2026

बंदूक की गूंज थमी, अब गूंजेगी पढ़ाई, 20 साल बाद गच्छनपल्ली में बना पक्का स्कूल

बंदूक की गूंज थमी, अब गूंजेगी पढ़ाई, 20 साल बाद गच्छनपल्ली में बना पक्का स्कूल
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0 बच्चों को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य
सुकमा। छत्तीसगढ के सुकमा जिले का गच्छनपल्ली गांव कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। लंबे समय तक यहां विकास कार्य प्रभावित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अब शासन की ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से गांव में बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है।
20 साल तक झोपड़ी में चलती रही पढ़ाई
करीब 20 वर्ष पहले नक्सली हिंसा में गांव का स्कूल भवन नष्ट हो गया था। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई अस्थायी झोपड़ियों और आंगनबाड़ी भवन में चलती रही। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चे शिक्षा से जुड़े रहे, लेकिन उन्हें सुरक्षित और बेहतर वातावरण नहीं मिल पा रहा था

नियद नेल्लानार योजना से बदली तस्वीर
जिला प्रशासन ने नियद नेल्ला नार योजना के तहत गच्छनपल्ली में नया पक्का स्कूल भवन बनाया। अब गांव के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ने का अवसर मिल रहा है। यह स्कूल भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि गांव के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
ग्रामीणों ने खुशी से किया स्वागत
नए स्कूल भवन का शुभारंभ स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर सरपंच, उपसरपंच, पंच, पारंपरिक पुजारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वर्षों बाद अपने गांव में पक्का स्कूल देखकर ग्रामीणों की खुशी देखते ही बन रही थी।
शिक्षा के साथ बढ़ेगा विकास
कलेक्टर सुकमा श्री अमित कुमार ने कहा कि शासन का उद्देश्य नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। गच्छनपल्ली में नया स्कूल भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।

उम्मीद और विश्वास की नई शुरुआत
गच्छनपल्ली की यह कहानी बताती है कि विकास और शिक्षा हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकती हैं। जहां कभी भय और सन्नाटा था, वहां आज बच्चों की पढ़ाई और मुस्कान की गूंज सुनाई दे रही है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से गांव में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है, जो आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।
यह स्कूल बच्चों के सपनों के विश्वास और विकास का सशक्त प्रतीक
गच्छनपल्ली का नया स्कूल इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो बदलाव केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि लोगों के जीवन में महसूस भी होता है। यह स्कूल बच्चों के सपनों, ग्रामीणों के विश्वास और विकास की नई सोच का सशक्त प्रतीक बन गया है।

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