• 12/05/2026

VB-G RAM G Act: इस दिन से मनरेगा की जगह लेगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम

VB-G RAM G Act: इस दिन से मनरेगा की जगह लेगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम
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नई दिल्ली। VB-G RAM G Act:  भारत सरकार ने ग्रामीण विकास और रोजगार को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी VB–G RAM G अधिनियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है। यह नया अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।

नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (मनरेगा) 2005 को उसी तिथि से निरस्त माना जाएगा। सरकार के अनुसार यह बदलाव विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण भारत में समेकित, उत्पादकता आधारित और भविष्य उन्मुख विकास मॉडल स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

नई योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक होंगे, उन्हें हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यह व्यवस्था ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने, आय बढ़ाने और ग्राम स्तर पर सतत विकास को गति देने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया है कि रोजगार मांगने के बाद निर्धारित समय सीमा में कार्य उपलब्ध नहीं होने पर श्रमिक बेरोजगारी भत्ते के पात्र होंगे। मजदूरी भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक या डाकघर खातों में किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। देरी होने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।

केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना हेतु ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन किया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। राज्यों के संभावित अंशदान सहित इस योजना का कुल परिव्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महात्मा गांधी नरेगा से विकसित भारत-जी राम जी में ट्रांजिशन पूरी तरह सुचारु और श्रमिक-केंद्रित होगा। 30 जून 2026 तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे और उन्हें नई व्यवस्था में समाहित किया जाएगा। मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे।

जिन श्रमिकों के पास जॉब कार्ड नहीं हैं, वे ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन कर सकेंगे। केवल ई-केवाईसी लंबित होने के कारण किसी भी श्रमिक को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय विभिन्न नियमों और प्रक्रियाओं के मसौदे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परामर्श से तैयार कर रहा है। इनमें शिकायत निवारण, मजदूरी भुगतान, प्रशासनिक व्यय, संचालन समिति और ट्रांजिशनल प्रावधानों से जुड़े नियम शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोजगार, ग्रामीण अवसंरचना और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन के केंद्रीय स्तंभ के रूप में स्थापित करेगा।

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