- 06/08/2026
FSSAI ने Old Monk, McDowell, बैगपाइपर, रॉयल चैलेंज की बिक्री पर आखिर क्यों लगाई रोक ?

नई दिल्ली: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इनमें ओल्ड मोंक, मैकडॉवेल्स, बैगपाइपर, एंटीक्विटी ब्लू और रॉयल चैलेंज जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने बिना अनुमति वाले फ्लेवरिंग तरीकों का इस्तेमाल किया। साथ ही शराब की एज से जुड़े भ्रामक दावे करके फूड सेफ्टी और लेबलिंग नियमों का उल्लंघन हुआ।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक फूड रेगुलेटर ने कहा कि जांच और लैब टेस्टिंग में पाया गया कि कुछ कंपनियां रम और व्हिस्की में बाहरी फ्लेवर मिला रहे थे। नियमों के मुताबिक उन्हें कच्चे माल, फर्मेंटेशन, डिस्टिलेशन और मैच्योरेशन के जरिए प्राकृतिक रूप से स्वाद और खुशबू विकसित होने देनी चाहिए थी।
रम या फ्लेवर्ड स्पिरिट
FSSAI का कहना है कि ऐसे उत्पादों को स्टैंडर्ड रम या व्हिस्की के तौर पर बेचा जा रहा है, जबकि ये मुख्य रूप से न्यूट्रल अल्कोहल या एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से बने होते हैं। इनमें ड्रिंक्स का असली स्वाद नहीं होता। अथॉरिटी ने कहा कि इन उत्पादों को रम-फ्लेवर्ड स्पिरिट या व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट के तौर पर लेबल किया जाना चाहिए ताकि उनकी असलियत पता चल सके।
अथॉरिटी ने एक बयान में कहा, “कुछ कंपनियां बाहरी फ्लेवर मिलाते हैं जो उत्पाद की असली खुशबू और स्वाद की नकल करता है। कंपनियां फिर इसे स्टैंडर्ड उत्पाद के तौर पर बेचती हैं, जिससे ग्राहक गुमराह होते हैं। कंपनियां प्राकृतिक रूप से स्वाद विकसित करने के लिए मैच्योरेशन या शीरा, माल्ट या अंगूर जैसे बेस मटीरियल का यूज नहीं करती हैं। ये कंपनियां मुख्य रूप से स्पिरिट/न्यूट्रल अल्कोहल का इस्तेमाल करती हैं। इनमें कोई खास स्वाद नहीं होता और इसलिए फ्लेवर मिलाते हैं।”
ग्राहकों को कैसे किया गुमराह?
FSSAI ने कहा कि ऐसे उत्पाद न केवल घटिया क्वालिटी के होते हैं बल्कि स्टैंडर्ड कैटेगरी के नामों का इस्तेमाल करके उन्हें गलत तरीके से बेचा जाता है। उन्हें रम-फ्लेवर्ड स्पिरिट या व्हिस्की-फ्लेवर्ड स्पिरिट आदि के तौर पर पहचाना जा सकता है। साथ ही पैक में उत्पाद की असलियत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है।
रेगुलेटर ने ओल्ड मोंक XXX रम के एक वेरिएंट पर 7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड के दावे को भी गुमराह करने वाला पाया। जांच में पाया गया कि इस रम का मुख्य घटक न्यूट्रल स्पिरिट है जबकि मैच्योर रम स्पिरिट इसका बहुत छोटा हिस्सा है। जांच के नतीजों के अनुसार यह 5% से भी कम पाया गया। यह मौजूदा नियमों का भी साफ उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक स्पिरिट की उम्र का दावा मिश्रण में मौजूद सबसे कम उम्र की स्पिरिट के आधार पर होना चाहिए।
किन-किन पर लगी रोक?
लैब रिपोर्ट के आधार पर अथॉरिटी ने मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर के ओल्ड मोंक वेरिएंट्स, यूनाइटेड स्पिरिट्स के मैकडॉवेल्स नंबर 1 रम, एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की और रॉयल चैलेंज व्हिस्की, इनब्रू बेवरेजेज के बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की और ओल्ड कास्क डीलक्स XXX रम और एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज के सेंट्रल प्रोविंस व्हिस्की और मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन मैच्योर XXX रम की बिक्री पर रोक लगा दी है।


