• 05/02/2023

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की लाखों की राशि में बंदरबांट, पार्टी कार्यकर्ताओं सहित पत्रकारों पर भी मेहरबान हुए विधायक, मीडियाकर्मी ने लौटाया चेक

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की लाखों की राशि में बंदरबांट, पार्टी कार्यकर्ताओं सहित पत्रकारों पर भी मेहरबान हुए विधायक, मीडियाकर्मी ने लौटाया चेक
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मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के द्वारा आर्थिक रुप से कमजोर, असहाय और जरुरतमंदो को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में ये राशि जरुरतमंदों की बजाय पार्टी कार्यकर्ताओं, रिश्तेदारों, ठेकेदारों और पत्रकारों में बांट दी गई। मामला छत्तीसगढ़ के अविभाजित कोरिया जिले का है। यहां मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल पर मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि की बंदरबांट का आरोप लगा है।

मामला साल 2021 का है लेकिन एक बार फिर से यह सुर्खियों में उस वक्त आ गया। जब बांटी गई स्वेच्छानुदान राशि की लिस्ट सोशल मीडिया में वायरल हो गई। इस लिस्ट में 115 नाम हैं। जिनमें कांग्रेस नेता, युवक कांग्रेस के पदाधिकारी, एनएसयूआई नेता, ठेकेदार और पत्रकारों का भी नाम है। इन सबके बीच विधायक विनय जायसवाल ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के तकरीबन 12 लाख 95 हजार रुपये बांट दिए।

विधायक विनय जायसवाल

 

जिन लोगों को राशि बांटी गई है उनमें विधायक ने अपने मीडिया सलाहकार पीयूष ताम्रकार, रिश्ते में विधायक के साढू भाई लगने वाले पूर्व पार्षद और ठेकेदार श्रीपत राय को 5-5 , युवक कांग्रेस जिला महामंत्री नूर आलम आजमी को 5 हजार, कांग्रेस नेता सुधीर अग्रवाल को 5 हजार, एनएसयूआई जिला संयोजक निखिल यादव को 5 हजार, राजधानी रायपुर में विधायक का कामकाज देख रहे आकाश बरनवाल के पिता श्रीराम बरनवाल को 5 हजार, कम्प्यूटर कालेज के संचालक के बेटे उज्ज्वल सिंह को 10 हजार और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता को राशि बांटी है। इसके अलावा विधायक विनय जायसवाल ने महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, महिला कांग्रेस कार्यकर्ता को जनसंर्पक निधि बांट दी।

पत्रकार ने लौटाया चेक

साल 2021 में मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल ने पत्रकारों को दीवाली मिलन के लिए बुलाया था। दीवाली मिलन में पहुंचे पत्रकार उस वक्त चौंक गए जब उन्हें मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान के तहत विधायक विनय जायसवाल ने 5-5 हजार रुपये का चेक वितरित करने लगे। जिस पर एक पत्रकार रविकांत सिंह ने आपत्ति करते हुए चेक को वापस कर दिया कि इस पर उनका नहीं बल्कि जरुरतमंदों का हक है।

रविकांत सिंह, चेक और कलेक्टर को दिया आवेदन

नाम विलोपित करने कलेक्टर को आवेदन

विधायक को चेक वापस करने के बाद रविकांत सिंह ने कोरिया कलेक्टर को स्वेच्छानुदान राशि की सूची से अपना नाम विलोपित करने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन एक साल बाद भी लिस्ट से उनका नाम विलोपित नहीं किया गया है। रविकांत सिंह का कहना है कि उऩ्होंने स्वेच्छानुदान की राशि के लिए कोई आवेदन भी नहीं किया था। उसके बावजूद उनका नाम लिस्ट में था और उन्हें विधायक ने जो चेक सौंपा था, उसे उन्होंने तुरंत ही विधायक को वापस कर दिया था।

इस मामले में हमने मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल और कोरिया कलेक्टर विनय लांगे से उऩकी प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश किए। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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