• 29/05/2026

Anti Naxal Operation : नक्सलियों को बड़ा झटका, जंगल में छिपी हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद

Anti Naxal Operation : नक्सलियों को बड़ा झटका, जंगल में छिपी हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद
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नारायणपुर/गढ़चिरौली।  माओवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में जवानों ने घने जंगलों में संचालित नक्सलियों के गुप्त हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सली संगठन सुरक्षा बलों पर हमले, घात लगाकर वारदात और बड़े विस्फोटों को अंजाम देने के लिए जंगलों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक तैयार कर उन्हें जमीन के भीतर छिपाकर रखते थे। इनका इस्तेमाल नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था। आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान इस गुप्त हथियार भंडार और निर्माण केंद्र की जानकारी मिली थी, जिसके बाद विशेष अभियान शुरू किया गया।

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लेथ मशीन, ग्राइंडर मशीन, मोटर, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क नक्सलियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

अभियान में विशेष अभियान दल, डीआरजी और बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। इलाके की गहन तलाशी के बाद बरामद खतरनाक विस्फोटकों और हथियार निर्माण सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां लगातार कमजोर हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा बल किसी भी खतरे को लेकर सतर्क हैं। इस कार्रवाई से नक्सलियों के हथियार निर्माण तंत्र और भविष्य की योजनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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