• 31/01/2024

ज्ञानवापी पर हिन्दू पक्ष की बड़ी जीत, कोर्ट ने तहखाने में दी पूजा-पाठ की इजाजत

ज्ञानवापी पर हिन्दू पक्ष की बड़ी जीत, कोर्ट ने तहखाने में दी पूजा-पाठ की इजाजत
Spread the love

वाराणसी में ज्ञानवापी तहखाने में कोर्ट ने पूजा-पाठ करने की इजाजत दे दी है। अदालत ने डीएम को सात दिन के अंदर पूजा-पाठ का प्रबंंध करने का निर्देश दिया है। हिंदू पक्ष ने व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ की इजाजत मांगी थीो. सोमनाथ व्यास का परिवार 1993 तक तहखाने में पूजा पाठ करता था। 1993 के बाद तत्कालीन राज्य सरकार के आदेश पर तहखाने में पूजा पाठ बंद हो गया था। ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ कराने का कार्य काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट करेगा।

बाबरी विध्वंस के बाद बंद हुई पूजा

कोर्ट ने डीएम को पूजा के लिए लोहे के बाड़ को हटाकर रास्ता देने का आदेश दिया। इस तहखाने में साल 1993 से पहले पूजा पाठ होती थी। अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद ढांचा ढहने के बाद प्रशासन ने ज्ञानवापी के चारों तरफ लोहे की बैरिकेडिंग कर दी थी। इससे तहखाने में जाने का रास्ता बंद हो गया था और पूजा पाठ भी बंद हो गई थी।

काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित नंंदी के ठीक सामने ज्ञानवापी का  तहखाना है। 1993 से पहले सोमनाथ व्यास का परिवार यहां नियमित रुप से पूजा पाठ करता था। पिछले साल जब ज्ञानवापी में स्थित शृंगार गौरी में पूजा की इजाजत समेत कई मामले कोर्ट में दाखिल हुए थे। उसी दौरान व्यास जी के नाती शैलेन्द्र व्यास ने तहखाने में भी दोबारा पूजा पाठ के लिए अदालत से गुहार लगाई थी।

इसे भी पढ़ें: Naxal Video: हमास के आतंकियों की तरह छत्तीसगढ़ में भी सुरंग बना रहे नक्सली, प्लानिंग देख हैरान रह जाएंगे 

उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि साल 1993 से तहखाने में पूजा पाठ बंद हो गई। वर्तमान में यह तहखाना अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के पास है। तहखाने को डीएम की निगरानी में सौंपने के साथ वहां दोबारा पूजा शुरू करने की अनुमति दी जाए। मामले में अदालत ने 17 जनवरी को डीएम को तहखाने को अपने कब्जे में लेने का आदेश दिया। इसके बाद  24 जनवरी को तहखाना डीएम ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था।

मंगलवार को भी इस पर सुनवाई हुई। मुस्लिम पक्ष की ओर से अंजुमन इंतजामिया के अधिवक्ता ने नियमित पूजा पाठ की मांग का विरोध करते अपनी आपत्ति जताई थी। उन्होने दलील दी कि अदालत ने केवल रिसीवर नियुक्त करने का जिक्र किया है। उसमें पूजा अधिकार का कोई जिक्र नहीं है। इसलिए वाद को निस्तारित मानते हुए खारिज किया जाए।

Related post

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध…

Spread the love00 सेवा संकल्प अभियान विशेष लेख : विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल…
नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत, विस अध्यक्ष सिंह और मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत, विस…

Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आत्मीयता और पारंपरिक तिहारों की मिठास को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में…
शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश घोषित

शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश…

Spread the love रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर…