• 27/08/2025

BJP नेता ने मांगी इच्छा मृत्यु, पूर्व CM भूपेश बघेल ने बढ़ाए मदद के हाथ, जानें क्या है पूरा मामला

BJP नेता ने मांगी इच्छा मृत्यु, पूर्व CM भूपेश बघेल ने बढ़ाए मदद के हाथ, जानें क्या है पूरा मामला
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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने अपनी खराब स्वास्थ्य स्थिति और आर्थिक संकट के चलते मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर जिले के कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के माध्यम से विशंभर यादव और उनकी पत्नी से बात की और उन्हें उचित इलाज का आश्वासन दिया। साथ ही उन्हें इलाज के लिए रायपुर बुलाने की पेशकश भी की।

पीएम की सभा जाते वक्त हुआ था हादसा

दरअसल, दो साल पहले रायपुर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने के लिए विशंभर यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ बस से जा रहे थे। इसी दौरान बेमेतरा के पास बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और स्थायी विकलांगता का शिकार हो गए। इस हादसे के बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई, और आर्थिक तंगी के साथ-साथ बीजेपी संगठन की कथित उपेक्षा से व्यथित होकर उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की थी।

शुरू से बीजेपी से जुड़ा रहा परिवार

विशंभर यादव का पूरा परिवार शुरू से बीजेपी से जुड़ा रहा है। उनके पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे, जबकि वे और उनकी पत्नी पार्टी के सक्रिय सदस्य रहे। पीएम मोदी की सभा में कार्यकर्ताओं को ले जाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। हादसे के बाद पीएम मोदी ने मंच से सहानुभति जताई थी, और तत्कालीन बड़े नेता अपोलो हॉस्पिटल जाकर उनका हालचाल लिया था। संगठन ने अपोलो से एम्स दिल्ली तक एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की थी।

इलाज में हुए 30-35 लाख रुपये खर्च

हालांकि, हादसे के बाद संगठन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। पिछले दो वर्षों से परिवार इलाज का खर्च खुद उठा रहा है, जिसमें तकरीबन 30-35 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अब परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वे आगे इलाज का इंतजाम नहीं कर पा रहे। विशंभर यादव बिस्तर पर पड़े हैं, और उनकी पत्नी ने संगठन से इलाज कराने की गुहार लगाई है।

विशंभर और पत्नी की पीड़ा

विशंभर यादव ने कहा, “मेरा शरीर पूरी तरह जवाब दे गया है और परिवार भी मेरे कारण परेशान है। जिस पार्टी के लिए मैंने जीवन समर्पित किया, वहां से कोई सहयोग नहीं मिला। अब मेरे पास मौत के सिवा चारा नहीं, इसलिए इच्छा मृत्यु मांग रहा हूँ। पहले कार्यकर्ताओं का सम्मान होता था, लेकिन अब कोई हालचाल तक नहीं लेता।” उनकी पत्नी ने कहा, “हमारी स्थिति ऐसी नहीं रही कि बाहर जाकर इलाज करा सकें। पार्टी से कोई मदद नहीं मिली। हमारा परिवार बीजेपी के लिए समर्पित रहा, लेकिन अब हम आर्थिक बर्बादी की कगार पर हैं।”

विशंभर की दयनीय हालत और बीजेपी संगठन की कथित अनदेखी ने इस मुद्दे को चर्चा का विषय बना दिया है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल की ओर से दी गई सहायता की पेशकश के बावजूद, परिवार की उम्मीदें अब भी बीजेपी से सहयोग की बनी हुई हैं।

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