• 21/02/2024

351 साल बाद हिन्दू आचार संहिता तैयार, महाकुंभ मे लगेगी मुहर, जानें क्या है

351 साल बाद हिन्दू आचार संहिता तैयार, महाकुंभ मे लगेगी मुहर, जानें क्या है
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351 साल बाद हिन्दुओं के लिए आचार संहिता बनकर तैयार हो गया है। काशी की विद्वत परिषद ने इसे तैयार किया है। साल 2025 में होने वाले प्रयागराज में महाकुंभ में हिन्दू आचार संहिता पर शंकराचार्य और महामंडलेश्‍वर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। जिसके बाद धर्माचार्य जनता से हिन्दू आचार संहिता का पालन करने का आग्रह करेंगे। हिन्दू आचार संहिता में सोलह संस्कारों से लेकर, जन्म दिन मनाने, विवाह, पूजा-पाठ को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। इसके साथ ही घर वापसी की प्रक्रिया को भी आसान किया गया है। हिन्दू आचार संहिता में महिलाएं को बड़े पैमाने पर अधिकार दिए गए हैं।
हिन्‍दू आचार संहिता को देश भर के 70 विद्वानों की टीम ने चार साल में तैयार किया है। काशी विद्वत परिषद ने यह टीम बनाई थी। आचार संहिता को तैयार करने के लिए कर्म और स्‍मृतियों को आधार बनाया गया है। श्रीमद्भागवत गीता, रामायण, महाभारत और पुराणों के अंश भी इसमें लिए गए हैं। इसके साथ ही मनु स्‍मृति, पराशर स्‍मृति और देवल स्‍मृति को भी आधार बनाया गया है।
हिन्दू आचार संहिता में षोडश संस्कारों का सरल बनाया गया है। खास तौर पर मृत्यु के बाद दिए जाने वाले भोज के लिए न्यूनतम 16 की संख्या निर्धारित की गई है।
महिलाओं को वेद अध्ययन व यज्ञ की अनुमति
हिंदू आचार संहिता में हिंदुओं को मंदिरों में बैठने, पूजा-पाठ के लिए समान नियम बनाए गए हैं। महिलाओं को अशौचावस्था को छोड़कर वेद अध्ययन और यज्ञ करने की अनुमति दी गई है।
दिन में विवाह को बढ़ावा
प्री-वेडिंग जैसी कुरीतियों को हटाने के साथ ही रात्रि के विवाह को समाप्त करके दिन के विवाह को बढ़ावा दिया जाएगा।

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