• 20/05/2026

REAKING : पुलिस आरक्षकों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक

REAKING : पुलिस आरक्षकों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक
Spread the love

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने प्रदेश में चल रही पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने पदोन्नति के संबंध में अंतिम आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन याचिका की अगली सुनवाई तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। 72 आरक्षकों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में आरक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया में नियमों के पालन नहीं होने का आरोप लगाया गया है। कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ आरक्षक लव कुमार पात्रे, भूपेंद्र कुमार पटेल, विक्रम सिंह शांडिल्य समेत कुल 73 आरक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली नियमों व शर्तों को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी बिलासपुर रेंज, एसपी कोरबा समेत अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।

याचिकाकर्ता आरक्षकों ने अपनी याचिका में कहा गया है, पुलिस मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन इसमें उन आरक्षकों को भी शुरुआती नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ मानकर प्रमोशन देने की तैयारी की जा रही है, जिन्होंने अपनी इच्छा से दूसरे जिले में ट्रांसफर कराया था।

याचिकाकर्ताओं का कहना है, छत्तीसगढ़ पुलिस एग्जीक्यूटिव फोर्स कांस्टेबल भर्ती, पदोन्नति, सेवा शर्त नियम 2007 में किए गए संशोधन के अनुसार अगर कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो नए जिले की वरिष्ठता सूची में उसका नाम सबसे नीचे माना जाता है। याचिकार्ताओं का आरोप है, मौजूदा प्रमोशन प्रक्रिया में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा है, यदि इस समय हाई कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो नियमों के विपरीत 1 जून 2026 को फाइनल फिट लिस्ट जारी हो जाती। इससे लंबे समय से एक ही जिले में काम कर रहे आरक्षकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया, पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण पत्र को इस याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। सरकार ने यह भी बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी फिट लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।0

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना, मामला सेवा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा है, विभागीय पदोन्नति समिति अपनी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन हाई कोर्ट की अनुमति के बिना अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

बिलासपुर संभाग में कुल 795 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया है। आईजी कार्यालय की ओर से जारी जिलेवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक बिलासपुर और रायगढ़ जिले से 230-230 आरक्षक योग्य पाए गए हैं। इसके अलावा कोरबा से 85, जांजगीर से 60, मुंगेली से 40, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 40, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 60, सक्ती जिले से 50 आरक्षक सूची में शामिल हैं।

बिलासपुर समेत कई पुराने जिलों के आरक्षक, प्रमोशन की संभावना बढ़ाने के लिए अपना ट्रांसफर नवगठित जिलों में कराते हैं। वहां वरिष्ठता सूची में आगे आने का फायदा मिल जाता है। ऐसे में प्रथम नियुक्ति तिथि के आधार पर उन्हें पहले पदोन्नति मिल जाती है। प्रमोशन मिलने के बाद कई आरक्षक हवलदार बनकर दोबारा अपने पुराने जिले में ट्रांसफर करा लेते हैं। पुलिस विभाग में लंबे समय से इस तरह का खेल चल रहा है।

Related post

मां दुर्गा की भक्ति में डूबेगा देश, जानें नवरात्रि की सभी खास तिथियां और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें

मां दुर्गा की भक्ति में डूबेगा देश, जानें नवरात्रि…

Spread the loveShardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों में मां…
CG : राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत, अब 15 अक्टूबर तक मिलेगा सितंबर-अक्टूबर का दो महीने का चावल

CG : राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत,…

Spread the loveरायपुर।  छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने सितंबर और अक्टूबर महीने…
CG में दोस्ती का दर्दनाक अंत! ₹1000 के विवाद में दोस्त की हत्या,जंगल में फेंकी लाश…

CG में दोस्ती का दर्दनाक अंत! ₹1000 के विवाद…

Spread the loveजशपुर । जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।…