• 05/09/2025

सरकारी स्कूल में तंत्र-मंत्र और बलि.. शिक्षकों ने बुलाया बैगा, बच्चों में दहशत.. वायरल वीडियो से सनसनी; पुलिस जांच में जुटी

सरकारी स्कूल में तंत्र-मंत्र और बलि.. शिक्षकों ने बुलाया बैगा, बच्चों में दहशत.. वायरल वीडियो से सनसनी; पुलिस जांच में जुटी
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पदमनाभपुर थाना क्षेत्र में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में तंत्र-मंत्र और कोयल की बलि देने की घटना ने सनसनी मचा दी है। गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को सुबह स्कूल खुलते ही प्रिंसिपल कार्यालय के सामने बरामदे में खून से सना मृत कोयल, नींबू, सिंदूर और तांत्रिक चिह्न देखकर शिक्षक, छात्र और अभिभावक दहशत में आ गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

गुरुवार सुबह जब स्कूल परिसर में बच्चे और शिक्षक पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि प्रिंसिपल कार्यालय के सामने बरामदे में रंगोलीनुमा आकृति बनाई गई थी, जिसमें तांत्रिक चिह्न उकेरे गए थे। इसके बीच में एक कोयल को काटकर चढ़ाया गया था, साथ ही नींबू और सिंदूर भी बिखरा हुआ था। इस दृश्य को देखकर स्कूल में मौजूद लोग सहम गए। कई छात्रों ने डर के कारण कक्षाओं में जाने से इनकार कर दिया, जबकि अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

तांत्रिक क्रिया की काट के लिए बुलाया बैगा

घटना से डरे हुए शिक्षकों ने तंत्र-मंत्र के प्रभाव को खत्म करने के लिए एक बैगा को बुलाया। बैगा ने अगरबत्ती और कपूर जलाकर पूजा की और सिंदूर के जरिए टोटके की काट करने का दावा किया। शिक्षकों ने इसके लिए बैगा को भुगतान भी किया। इस बीच, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रंगोली को पानी डालकर मिटाया और जांच शुरू की।

तांत्रिक क्रिया का मकसद क्या?

पदमनाभपुर थाना पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई है। आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस घटना का मकसद क्या था और इसके पीछे किसका हाथ है। पुलिस ने कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

BEO ने बताया अंधविश्वास फैलाने की कोशिश

दुर्ग की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) राजेश्वरी चन्द्राकर ने इस घटना को शरारती तत्वों की करतूत करार दिया। उन्होंने कहा, “यह अंधविश्वास फैलाने और स्कूल का माहौल खराब करने की कोशिश है। प्राचार्य कक्ष के बाहर इस तरह की हरकत कर बच्चों और शिक्षकों को डराने का प्रयास किया गया है।” उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि इस घटना को तूल न दें और बच्चों को शांत रखकर पढ़ाई का वातावरण बनाए रखें।

स्कूल में दहशत का माहौल

घटना के बाद स्कूल में छात्रों और शिक्षकों के बीच डर का माहौल है। कई अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। शिक्षकों ने इसे अंधविश्वास को बढ़ावा देने और स्कूल की शांति भंग करने की साजिश बताया। वायरल वीडियो ने इस मामले को और तूल दे दिया है।

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