• 23/09/2025

गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना है खतरनाक! अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे ने दुनियाभर में बढ़ा दी टेंशन

गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना है खतरनाक! अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे ने दुनियाभर में बढ़ा दी टेंशन

बुखार में ली जाने वाली दवा पैरासिटामोल (कैलपोल, क्रोसिन, डोलो) जिसे अमेरिका में एसिटामिनोफेन के नाम से जाना जाता है, गर्भावस्था में इस दवा के सेवन से बच्चे में ऑटिज्म का खतरा बढ़ जाता है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को चेतावनी दी कि वे पैरासिटामोल का उपयोग केवल अत्यंत आवश्यकता पर ही करें, क्योंकि इससे न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों जैसे ऑटिज्म और ADHD का खतरा हो सकता है।

ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हमें ऑटिज्म का जवाब मिल गया है। गर्भावस्था में एसिटामिनोफेन का इस्तेमाल बच्चे में ऑटिज्म का जोखिम बहुत बढ़ा देता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को “जैसे ही बुखार हो, तुरंत दवा न लें, बल्कि इसे सहन करने की कोशिश करें, क्योंकि कोई नुकसान नहीं है।” इस बयान के पीछे स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) के सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर का हाथ माना जा रहा है, जो पर्यावरणीय कारकों और दवाओं को ऑटिज्म से जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। कैनेडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि FDA डॉक्टरों को सलाह देगी कि पैरासिटामोल का उपयोग न्यूनतम मात्रा और सबसे कम अवधि के लिए ही किया जाए।

FDA का कदम: लेबल पर चेतावनी और नई मंजूरी

ट्रंप प्रशासन की घोषणा के तहत, यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एसिटामिनोफेन युक्त दवाओं (जैसे टायलेनॉल) के लेबल पर नई चेतावनी जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। FDA ने डॉक्टरों को एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि गर्भावस्था में इस दवा के उपयोग से ऑटिज्म और ADHD जैसे विकारों से जुड़ी “संभावित जोखिम” हो सकता है, हालांकि “कारण-प्रभाव संबंध सिद्ध नहीं हुआ है।” FDA आयुक्त मार्टी मकार्य ने कहा, “हम माता-पिता और डॉक्टरों को इसकी जानकारी दे रहे हैं, लेकिन निर्णय माता-पिता का है।”

एक अन्य महत्वपूर्ण कदम में, FDA ने ऑटिज्म के कुछ लक्षणों के इलाज के लिए ल्यूकोवोरिन (फोलेट का एक रूप) की मंजूरी शुरू कर दी है। यह दवा, जो कैंसर और एनीमिया के इलाज में इस्तेमाल होती है, अब “सेरेब्रल फोलेट डेफिशिएंसी” वाले बच्चों में ऑटिज्म से जुड़े वाणी संबंधी लक्षणों को कम करने के लिए उपलब्ध होगी। FDA ने कहा कि यह “पूर्ण इलाज नहीं है,” लेकिन कुछ बच्चों में सुधार दिखा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इसके लिए और शोध की जरूरत है।

वैज्ञानिकों का विरोध: दावा अतिरंजित, और अध्ययन की जरूरत

ट्रंप के दावे पर चिकित्सा समुदाय ने कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) और सोसाइटी फॉर मैटरनल-फेटल मेडिसिन जैसे संगठनों ने कहा कि पैरासिटामोल गर्भावस्था में दर्द और बुखार के लिए सबसे सुरक्षित दवा है। अनुपचारित बुखार से गर्भपात, जन्म दोष या समय से पहले प्रसव का खतरा हो सकता है।

हाल के अध्ययनों में विरोधाभासी नतीजे सामने आए हैं। अगस्त 2025 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और माउंट सिनाई के शोधकर्ताओं की समीक्षा में एसिटामिनोफेन के उपयोग से ऑटिज्म का “संभावित संबंध” पाया गया, लेकिन यह कारण-प्रभाव सिद्ध नहीं करता। वहीं, 2024 का एक स्वीडिश अध्ययन (2.4 मिलियन बच्चों पर) ने कोई संबंध नहीं पाया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटिज्म आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों का मिश्रण है, और इसके बढ़ते मामलों (2000 में 1 में 150 से अब 1 में 31) का कारण डायग्नोसिस मानदंडों में बदलाव और जागरूकता है।

टायलेनॉल निर्माता केनव्यू ने भी बयान जारी कर कहा, “वैज्ञानिक प्रमाणों से एसिटामिनोफेन और ऑटिज्म के बीच कोई कारण संबंध नहीं है। यह घोषणा गर्भवती महिलाओं के लिए भ्रम और स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।”

भारत में प्रभाव?

भारत में पैरासिटामोल को दशकों से गर्भावस्था में सुरक्षित माना जाता है। ICMR और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियां इसे अनुशंसित करती हैं। हालांकि, अमेरिकी घोषणा के बाद भारतीय डॉक्टरों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, लेकिन कोई तत्काल बदलाव की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों ने कहा कि और गहन शोध जरूरी है।

रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर लंबे समय से वैक्सीन को ऑटिज्म से जोड़ते रहे हैं, लेकिन यह दावा वैज्ञानिक रूप से कई बार खारिज हो चुका है। ट्रंप प्रशासन का यह कदम ऑटिज्म “महामारी” को संबोधित करने का प्रयास है, लेकिन वैज्ञानिक इसे “भय फैलाने वाला” बता रहे हैं।