• 07/07/2024

मासूमों के पोषण के साथ खिलवाड़, मीड-डे-मील के नाम पर परोसी जा रही बेस्वाद खिचड़ियां

मासूमों के पोषण के साथ खिलवाड़, मीड-डे-मील के नाम पर परोसी जा रही बेस्वाद खिचड़ियां

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बलरामपुर जिले के बीजाकुरा गांव में बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अजिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है बीजाकुरा गांव, यहां स्थित सरकारी स्कूल में सबसे अधिक विशेष पिछड़ी जनजाति यानी कि पंडो जनजाति के बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचते हैं।इस स्कूल में बच्चों को मध्यान्ह भोजन के नाम पर छलावा किया जा रहा है।

 

बीजाकुरा प्राथमिक शाला में मासूम बच्चों को मिलने वाले भोजन पर भी डकैती डालने का प्रयास किया जा रहा है। वैसे तो शिक्षा विभाग और सरकार ने मिड-डे-मील के लिए मेन्यू चार्ट तय कर रखा है, लेकिन मेन्यू के हिसाब से तो बहुत दूर की बात है, यहां बच्चों को सब्जी तक नसीब नहीं हो रहा है।यहां बच्चों को बेस्वाद खिचड़ी परोसा जा रहा है।

 

दिन के अनुसार मेन्यू है। कॉमन चावल, दाल, सब्जी, अचार, पापड़ देने का नियम है।मगर इस नियम का पालन नहीं हो रहा है।

 

स्थानीय लोगों का कहना कि यहां शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसर कभी स्कूल में जांच या निरीक्षण के लिए नहीं आते हैं।यही वजह है कि मनमाने तरीके से बच्चों को ऐसा घटिया भोजन मिड डे मील के नाम पर परोसा जा रहा है।यहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा मिल सके इसके लिए प्रशासन खास योजनाएं लाती है। हालांकि इन योजनाओं का जमीनी हकीकत कुछ और ही है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।