• 19/07/2022

राजभवन से निजी विश्वविद्यालयों को जारी हुआ आदेश, अब करना होगा ये काम

राजभवन से निजी विश्वविद्यालयों को जारी हुआ आदेश, अब करना होगा ये काम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों में अब कम से कम 100 पेड़ रहने ही चाहिए। स्वच्छता और पौधारोहण कार्यक्रम को तेज करने के लिए राजभवन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिया है। राजभवन ने यहां तक कहा कि विश्वविद्यालय में पौधारोपण कार्यक्रम के लिए राज्यपाल को भी बुलाया जा सकता है। लेकिन विश्वविद्यालय हरा-भरा रहे, पर्यावरण संरक्षण में उसकी सक्रिय भागीदारी रहे, यह प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

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राज्यपाल अनुसुईया उइके के सचिव अमृत खलको ने गत दिवस राज्य के 15 प्राईवेट यूनिवर्सिटी को एक पत्र प्रेषित किया था। इस पत्र में प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिया गया था। खलको ने लिखा था कि विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा और स्वच्छ रखने के साथ ही विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता लाने के उद्देश्य से पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया जाए। यही नहीं आयोजन की बकायदा फोटोग्राफी कराई जाए और फोटोग्राफ के साथ हार्डकॉपी में राज्यपाल सचिवालय को प्रेषित किया जाए। यही नहीं कार्यक्रम में यदि राज्यपाल को बुलाने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन इच्छुक हों तो वे राज्यपाल महोदया को आमंत्र पत्र विचारार्थ भेज भी सकते हैं।

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ज्ञात हो कि राज्य में संचालित होने वाले विश्वविद्यालयों की राज्यपाल कुलाधिपति होता है। विश्वविद्यालय के प्रावधानों के अनुसार विश्वविद्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राज्यपाल को आमंत्रित करने की परंपरा काफी पुरानी है। पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों में यदि राज्यपाल की सक्रिय भागीदारी रहती है तो एक तौर से विश्वविद्यालय प्रबंधन पर यह जिम्मेदारी और हो जाती है कि वे रोपे गए पौधों की सही तरह से देखभाल करें। वहीं राज्यपाल की उपस्थिति से कार्यक्रम की महत्ता और बढ़ जाती है वहीं छा़-छात्राओं में भी उत्साह रहता है। अब राजभवन से पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जिस तरह से एक नेक पहल की गई है, इसका परिणाम आने वाले दिनों में सुखद रहेगा। राजभवन से की गई इस पहल की सर्वत्र प्रशंसा भी हो रही है।

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