• 12/09/2022

Gyanvapi Masjid case: ज्ञानवापी मामले में अदालत आज सुनाएगी अपना फैसला, शहर भर में धारा 144 लागू

Gyanvapi Masjid case: ज्ञानवापी मामले में अदालत आज सुनाएगी अपना फैसला, शहर भर में धारा 144 लागू
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पिछले काफी समय से सुर्खियों में बने ज्ञानवापी मामले में आज वाराणसी जिला अदालत की सुनवाई है. जिसपर सभी की निगाहें टिकी हैं. फैसले से पहले वाराणसी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है.

वाराणसी की अदालत का फैसला हिंदू महिलाओं के एक समूह द्वारा दायर याचिका पर आधारित होगा, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर के अंदर हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी, जिसका मुस्लिम समुदाय ने कड़ा विरोध किया था.

जिला कोर्ट आज यह तय करेगा कि ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी केस चलने योग्य है या नहीं. जिला जज डॉ.अजय कृष्ण विश्वेश अपना फैसला सुनाएंगे. बता दें, जिला कोर्ट में 1991 में यह याचिका लगाई गई थी. इधर, कोर्ट के फैसले से पहले काशी के मंदिरों में पूजा-पाठ और प्रार्थना का दौर शुरू हो गया है.

कोर्ट के फैसले को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है. ज्ञानवापी मामले में आज सुनवाई होने को लेर एएसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है. कचहरी परिसर में कोई अराजक गतिविधि न हो इसके लिए भी व्यवस्था है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 2 हजार से अधिक फोर्स यहां तैनात हैं.

हिंदू पक्ष के वकील का बयान

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि आज के फैसले में पता चल जाएगा कि आध्यात्मिक और ऐतिहासिक बुक दिखाई जाएंगी की नहीं? इसलिए आज का दिन महत्वपू्र्ण है क्योंकि हमारे बहस को अगर कोर्ट मानकर मस्जिद कमेटी के आवेदन को अस्वीकार करती है तो इसका प्रभाव ये होगा कि ये केस आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि 1991 का उपासना अधिनियम हमारे पक्ष में है क्योंकि हमारा कहना है कि 15 अगस्त 1947 को इस जगह का धार्मिक स्वरूप एक हिंदू मंदिर का था और मुझे लगता है कि अगर आने वाले समय में ये आवेदन अस्वीकार होती है तो धार्मिक स्वरूप को तय करने की कवायद और आगे बढ़ेगी.

जानिए क्या है पूरा मामला

मुस्लिम पक्ष ने इस मामले को उपासना स्थल अधिनियम के खिलाफ बताते हुए कहा था कि यह मामला सुनवाई के योग्य नहीं है. वहीं हिंदू पक्ष का दावा है कि मुस्लिम पक्ष बहुत पुराने दस्तावेज पेश कर रहा है जो इस मामले से संबंधित नहीं है.

इससे पहले पांच महिलाओं ने वाराणसी की अदालत में याचिका दायर कर काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी स्थल की पूजा की अनुमति मांगी थी, जिससे विवाद छिड़ गया था. वहीं अदालत के फैसले से पहले काशी के मंदिरों में पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है. महावीर मंदिर में हवन किया गया. लोगों में इसको लेकर काफी उत्सुकता है.

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