• 02/06/2024

इस राज्य में नहीं खुला BJP और कांग्रेस का खाता, जानिए कौन हैं टीचर से मुख्यमंत्री बने प्रेम सिंह तमांग?

इस राज्य में नहीं खुला BJP और कांग्रेस का खाता, जानिए कौन हैं टीचर से मुख्यमंत्री बने प्रेम सिंह तमांग?

अरुणाचल और सिक्किम में विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे सामने आ गए हैं। सिक्किम की जनता ने क्षेत्रीय दल एसकेएम पर एक बार फिर भरोसा जताया है। दूसरी तरफ अरुणाचल में एक बार फिर पेमा खांडु के की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनने का दावा ठोक दिया है।

सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2024 में प्रचंड बहुमत प्राप्त किया है। 32 विधानसभा सीटों वाले सिक्किम में एसकेएम पार्टी ने 31 सीटों जीत दर्ज की है। ऐसे में एसकेएम की इस जीत का श्रेय सीएम प्रेम सिंह तमांग को जाता है। एसकेएम प्रमुख तमांग पहली बार 2019 में मुख्यमंत्री बने थे। तब उनकी पार्टी ने सिक्किम विधानसभा में 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस खाता तक नहीं खोल सकी।

सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तमांग का जन्म 5 फरवरी 1968 को हुआ था। तमांग ने बंगाल के दार्जिलिंग के कॉलेज से बी.ए किया था। बीए करने के बाद वह एक सरकारी स्कूल में टीचर बन गए थे। तमांग ने पहली बार 1994 में विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसके बाद वह लगातार सिक्किम विधानसभा के लिए चुने जा रहे हैं।

सीएम तमांग 2004 से 2009 तक सिक्किम की एसडीएफ सरकार में मंत्री पद पर भी रहे हैं। जबकि 2009 के चुनाव में सिक्किम के मुख्यमंत्री ने पवन कुमार चामलिंग ने तमांग को कैबिनिट में मंत्री पद देने से मना कर दिया था। इसके बाद तमांग ने एसडीएफ पार्टी से अलग होकर खुद की एसकेएम नाम से एक नए दल का गठन किया था।

2016 में जाना पड़ा था जेल

प्रेम सिंह तमांग को 2016 में एक सरकारी फंड की हेरफेरी के आरोप में जेल जाना पड़ा था। जेल जाने के कारण उन्हें अपनी विधायकी भी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद तमांग ने MP/MLA कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी लेकिन हाईकोर्ट ने भी लोअर कोर्ट का फैसला कायम रखा।

इसके बाद 2018 में तमांग को सरकारी फंड की हेराफेरी के आरोप में जमानत मिली और पूरे प्रदेश में एसडीएम सरकार के खिलाफ उन्होंने अभियान चलाया था।

एसडीएम पार्टी के खिलाफ अभियान चलाने का फायदा एसकेएम पार्टी को 2019 के विधानसभा चुनाव में मिला था और उनकी पार्टी ने 17 सीटें जीतकर सिक्किम में पहली बार सरकार बना ली थी। तमांग ने 24 साल 165 दिन लगातार सीएम रहने का रिकॉर्ड बनाने वाले पवन कुमार चामलिंग को भी हरा दिया था।