• 25/10/2022

आरक्षण खत्म होने पर मचा बवाल : आदिवासी समाज का ऐलान, राज्योत्सव का होगा जमकर विरोध, सांसदों-विधायकों और मंत्रियों के घर पर बजाएंगे नंगाड़ा

आरक्षण खत्म होने पर मचा बवाल : आदिवासी समाज का ऐलान, राज्योत्सव का होगा जमकर विरोध, सांसदों-विधायकों और मंत्रियों के घर पर बजाएंगे नंगाड़ा
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छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने बड़ा ऐलान किया है. समाज ने राज्योत्सव और राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का विरोध करने का फैसला किया है. आदिवासी समाज के लोग 1 नवम्बर से 3 नवम्बर तक प्रस्तावि राज्योत्सव और राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य के विरोध में सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के घर के बाहर नगाड़ा बजाकर प्रदर्शन करने करेंगे.

दरअसल, आदिवासी समाज 32% आरक्षण खत्म होने से काफी नाराज है. जिसको लेकर समाज से विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज सोहन पोटाई धड़े के कार्यकारी अध्यक्ष बीएस रावटे ने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 19 सितम्बर के फैसले से समाज का 32% आरक्षण खत्म कर दिया है. राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने की बात कही थी, लेकिन आज एक महीने से अधिक समय हो गया सरकार अदालत नहीं पहुंच पाई है.

वहीं बीएस रावटे ने ये भी कहा कि हमारे समाज के मंत्री-विधायक भी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं. जिससे समाज ने विरोध करने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि अभी जिला स्तर पर राज्योत्सव और राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का विरोध किया जाना है. इस सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के घर के बाहर नगाड़ा बजाकर उनको जगाने की कोशिश की जाएगी.

बीएस रावटे का कहना है कि 32% आरक्षण खत्म होने से समाज में भारी आक्रोश है. अब यह बात होने लगी है कि सामाजिक समूहों के द्वारा उन आदिवासी नेताओं का बहिष्कार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि 32% आरक्षण की व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो बात वोट नहीं, विधायक नहीं, सांसद नहीं, जिला-जनपद पंचायत के अध्यक्ष नहीं, पंच-सरपंच नहीं तक जाएगी. यह बहिष्कार तब तक चलेगा जब तक आरक्षण की व्यवस्था बहाल नहीं हो जाती.

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