• 20/07/2022

विपक्ष ने दिया सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सदन में चर्चा कराए जाने की मांग

विपक्ष ने दिया सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, सदन में चर्चा कराए जाने की मांग

द तथ्य डेस्क। विपक्ष ने राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय भेजा है। लिखित प्रस्ताव देकर विपक्ष इस पर चर्चा की मांग कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने तो यहां तक कह दिया कि राज्य सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

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महाराष्ट्र के साथ ही अब छत्तीसगढ़ में भी सियासी पारा चढ़ने लगा है। जैसा कि पहले से ही अनुमान लगाया गया था कि विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार होगा। आज सत्र के आगाज के साथ यह चरितार्थ भी हो गई। अब विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार को परेशान करने का नया दांव चल दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा-सत्ता में आने के पूर्व कांग्रेस ने जो वादा किया था उसे आज तक पूरा नहीं किया जा रहा है। यह सीधे-सीधे वादाखिलाफी है। जिस तरह से यहां सरकार चल रही है, इसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। राज्य के अंदर हत्या, आत्महत्या, सामूहिक आत्महत्या और अनाचार की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में लगातार चोरी और डकैती की वारदातें हो रही है।

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आज तो बसपा के विधायक केशव चंद्रा के घर में भी चोरी हो गई। याने इनके शासनकाल में जनप्रतिनिधियों के घर भी सुरक्षित नहीं रह गया है। अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ा हुआ है। अभी जो संवैधानिक संकट की स्थिति निर्मित हुई है, इन सब बातों को लेकर करके हमने इस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है। हम अध्यक्ष से निवेदन करेंगे कि इस विषय पर चर्चा कराई जाए। इस अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करें क्योंकि अब इस सरकार को एक मिनट भी सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।
क्या कहते हैं जानकार:
विपक्ष के इस अविश्वास प्रस्ताव को जानकार हंसकर टाल रहे है। इसका सीधा मतलब है कि विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव का कोई ज्यादा महत्व नहीं है। राज्य में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के पास 14 विधायक हैं, जनता कांग्रेस जे भी यदि अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करता है तो भी यह संख्या 17 के पार नहीं होगी। बहुजन समाज पार्टी के दो विधायक भी मिल जाएं तो भी सत्ताधारी दल कांग्रेस के पक्ष में 71 विधायकों का मजबूत आंकड़ा है। ऐसे में सरकार गिराने के लिए विपक्ष के पास कोई दूसरा विकल्प है ही नही। वहीं राजनीतिक जानकारों की माने तो इस अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष केवल सत्ता पक्ष को घेरने का प्रयास कर रहा है।
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