• 01/10/2022

हाईकोर्ट ने सरकार को दिया एक और झटका, इन संभागों में 100% स्थानीय आरक्षण खत्म

हाईकोर्ट ने सरकार को दिया एक और झटका, इन संभागों में 100% स्थानीय आरक्षण खत्म
Spread the love

एक तरफ जहां आरक्षण मामले में छत्तीसगढ़ सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रही है. वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आरक्षण मामले में एक और झटका दिया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के बस्तर और सरगुजा संभाग के अलावा बिलासपुर संभाग के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कोरबा जिलों की सरकारी नौकरियों में स्थानीय निवासियों को 100% आरक्षण देने वाली अधिसूचना को रद्द कर दिया है. यानी इन जिलों से यह व्यवस्था खत्म हो गई. वहीं हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों-जिला पंचायत CEO को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है.

दरअसल, राज्य सरकार ने 4 सितंबर 2019 को एक अधिसूचना जारी किया था. जिसमें अनुसूचित क्षेत्रों के जिला संवर्ग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती को केवल स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित किया था. वहीं, बाद में सरकार ने बिलासपुर संभाग के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही और कोरबा जिलों को भी इसमें जोड़ लिया गया.

बीते साल यह फैसला किया गया कि बस्तर और सरगुजा संभाग का पूरा क्षेत्र ही अनुसूचित क्षेत्र में आता है. ऐसी स्थिति में इन दोनों संभाग के संभाग स्तरीय पदों पर भी स्थानीय निवासियों की भर्ती का प्रावधान रखा जाना उचित होगा. इसके बाद एक संशोधित अधिसूचना आई. इस फैसले का प्रभाव यह हुआ कि गृह विभाग, पुलिस, जेल और परिवहन विभाग से संबंधित पदों को छोड़कर शेष विभागों के जिला स्तरीय पदों पर भर्ती में स्थानीय लोगों का 100% आरक्षण हो गया.

बता दें कि 141 लोगों ने इस आरक्षण के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं हाईकोर्ट में लगाईं थीं. नंद कुमार गुप्ता और 140 अन्य बनाम छत्तीसगढ़ सरकार के मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस गौतम चौरड़िया ने 12 मई 2022 को आदेश पारित किया. कोर्ट के फैसले पर लंबी चुप्पी के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को पत्राचार जारी किया. विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले की प्रति लगाते हुए पत्र जारी किया. जिसमें सभी विभागाध्यक्षों, संभाग आयुक्ताें, कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए.

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी पत्राचार में कहा गया कि हाईकोर्ट की ओर से पारित निर्णय दिनांक 12-5-2022 में बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों और बिलासपुर संभाग के तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी की रिक्तियों को संभाग/जिलों के स्थानीय निवासियों से भरे जाने के संबंध में जारी अधिसूचनाओं को संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के विपरीत होने की वजह से निरस्त किया गया है। मामले में पारित आदेश की छायाप्रति पालन और आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रेषित है.

Related post

कोसा की चमक अब वैश्विक बाजार तक : मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया छत्तीसगढ़ का प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’

कोसा की चमक अब वैश्विक बाजार तक : मुख्यमंत्री…

Spread the loveस्वदेशी को नई उड़ान : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुनकरों एवं शिल्पकारों को 10.90…
बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण शहीदों के नाम पर किया जाएगा : शर्मा

बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों…

Spread the love00 हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भव्य…
नांदघाट-मुंगेली रोड होगा फोरलेन, राज्य शासन ने मंजूर किए 21.81 करोड़

नांदघाट-मुंगेली रोड होगा फोरलेन, राज्य शासन ने मंजूर किए…

Spread the love00 उप मुख्यमंत्रीसाव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का पत्र जारी रायपुर। राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के नांदघाट…