• 12/09/2023

रेप, हत्या और हत्या का प्रयास, मौजूदा सांसदों में कितने हैं दागी? ADR की रिपोर्ट में खुलासा

रेप, हत्या और हत्या का प्रयास, मौजूदा सांसदों में कितने हैं दागी? ADR की रिपोर्ट में खुलासा
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भारत के कुल सांसदों में से तकरीबन 40 फीसदी सांसद दागदार छवि के हैं। इनमें से कईयों के ऊपर हत्या और रेप जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और उसकी एसोसिएशन नेशनल इलेक्शव वॉच (NEW) की ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

ADR ने लोकसभा और राज्यसभा की 776 सीटों में से 763 मौजूदा सांसदों द्वारा चुनाव के दौरान जमा किए गए शपथ पत्रों का विश्लेषण करके यह जानकारी दी है।

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक 763 (लोकसभा और राज्यसभा) में से 306 यानी कि 40 फीसदी मौजूद सांसदों ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। जिसमें 194 (25 फीसदी) सांसदों ने अपने खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध संबंधित मामले घोषित किए हैं।

किस पार्टी के कितने दागी

रिपोर्ट में बताया गया है कि किस पार्टी के कितने सांसद दागी है। रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी (BJP) के 385 में से 139 (36 फीसदी) सांसद हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं कांग्रेस (Congress) के 81 सांसदों में से 43 (53 फीसदी) सांसदों पर अपराध दर्ज है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 36 सांसदों में 14 (39 फीसदी) सांसदों पर क्रिमिनल केस हैं। RJD के 6 सांसदों में से 5 (83 फीसदी) सांसद, CPI (M) के 8 में से 6 (75%) सांसद, आम आदमी पार्टी (AAP) के 11 में से 3 (27%) सांसद, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 31 में से 13(42%) सांसद और NCP के 8 में से 3(38%) सांसदों ने जमा किए गए हलफनामें में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

गंभीर अपराध वाले सांसद

बीजेपी के 98 (25 फीसदी) सांसद, कांग्रेस के 26 (32 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर अपराध घोषित किए हैं। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के 7 (19 प्रतिशत), राजद के 3 (50 प्रतिशत), सीपीआई (M) के 2 (25 प्रतिशथ), आम आदमी पार्टी का 1 (9 प्रतिशथ), वाईएसआर कांग्रेस के 11 (35 प्रतिशत), एनसीपी के 2 (25 प्रतिशत) सांसदों ने शपथ पत्र में अपने खिलाफ दर्ज गंभीर अपराधिक मामले घोषित किए हैं।

रेप, हत्या और हत्या के प्रयास के मामले

ADR ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 11 मौजूदा सांसदों ने अपने खिलाफ हत्या (IPC की धारा 302),  32 मौजूदा सांसदों ने हत्या के प्रयास ( IPC की धारा-307) के मामलों की घोषणा की है। 21 मौजूदा सांसदों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है। 21 सांसदों में से 4 सांसदों ने बलात्कार (IPC की धारा-376) से संबंधित मामलों की घोषणा की है।

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