• 21/07/2022

टीएस सिंहदेव के मुद्दे पर सदन दूसरे दिन भी रहा गर्म

टीएस सिंहदेव के मुद्दे पर सदन दूसरे दिन भी रहा गर्म

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के आज दूसरे दिन भी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे पर हंगामा होता रहा। सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने कहा कि  प्रश्न पंचायत विभाग का है और विभागीय मंत्री टीएस सिंहदेव इस्तीफा दे चुके हैं। इसी बीच वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने जवाब देना चाहा तो भाजपा सदस्यों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। मौका देख पूर्व सीएम डा. रमन सिंह ने यह कहकर सदन गरमा दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के चलते ही टीएस सिंहदेव को इस्तीफा देना पड़ा है। इस बात पर सदन में खूब हंगामा हुआ और भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने इस योजना के हितग्राहियों के खाते में किया 7.48 करोड़ जमा

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दूसरा प्रश्न ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा था। भाजपा के रजनीश सिंह के सवाल पर जब वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने जवाब देना चाहा तो भाजपा विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई। भाजपा के अजय चंद्राकर ने कहा, मंत्री इस्तीफा दे चुके तो क्या विभाग की जिम्मेदारी है! इस पर सदन के अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने कहा-मंत्री नहीं है। उनकी जगह पर उन्होंने अधिकृत किया है। इस पर चंद्राकर ने फिर से घेरते हुए कहा कि जो व्यक्ति इस्तीफा दे चुका है, भला वो अधिकृत कैसे कर सकता है।

इसे भी पढ़ें: ईडी कार्यालय के लिए सोनिया गांधी रवाना, नेशनल हेराल्ड मामले में होनी है पूछताछ

इस पर अध्यक्ष डा. महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है ऐसे में वे अभी भी मंत्री हैं। इस पर संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा मंत्री ने अपने पत्र में इस्तीफा शब्द का उपयोग किया ही नहीं है। इस वाद-विवाद के दौरान ही नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि इस मामले का निपटारा होना चाहिए, मुख्यमंत्री भी यहां हैं, उनका जवाब आना चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल में व्यवस्था संबंधी कोई प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। इस मुद्दे को लेकर काफी समय तक सदन में आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा और बाद में फिर से प्रश्नकाल शुरू हो सका। प्रश्नकाल शुरू होते ही पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने पूछा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 201-.20 से 2022-.23 तक कितने आवास स्वीकृत हुए थे और कितनों में काम पूरा हो गया है। रमन सिंह ने कहा कि उनके यह प्रश्न लगाने के बाद ही मंत्री को दुखी होकर इस्तीफा देना पड़ा। मंत्री ने अपने पत्र में खुद स्वीकार किया है कि इस सरकार के कार्यकाल में एक भी घर नहीं बना। यह सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। रमन सिंह के प्रश्न पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इसमें संशोधन कर लीजिए उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।

इसे भी पढ़ें: चोरी के पीछे ओडिशा के इस शातिर चोर का था हाथ, शुभम ज्वेलर्स में चोरी का खुलासा


Related post

ED ने रायपुर की विशेष अदालत में दी अर्जी, इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई रोकने की मांग की, 19 को आ सकता है दोनों IAS की रिमांड पर SC का फैसला

ED ने रायपुर की विशेष अदालत में दी अर्जी,…

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करने…
BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के इन दो IAS अधिकारियों की हो सकती है गिरफ्तारी! ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांगी रिमांड, यह है मामला

BIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के इन दो IAS अधिकारियों…

छत्तीसगढ़ के नान घोटाले मामले के दो प्रमुख आरोपी और IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला की मुश्किलें बढ़ सकती…
DA-HRA पर मुख्यमंत्री का सदन में बड़ा बयान…

DA-HRA पर मुख्यमंत्री का सदन में बड़ा बयान…

द तथ्य डेस्क। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज राज्य भर के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा कलमबंद-कामबंद हड़ताल का…