• 01/03/2023

आलोक शुक्ला न्यायालय की अवमानना के मामले में फंसे, द्वितीय अवमानना याचिका में स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी, ये है मामला

आलोक शुक्ला न्यायालय की अवमानना के मामले में फंसे, द्वितीय अवमानना याचिका में स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी, ये है मामला
Spread the love

हाईकोर्ट ने एक मामले में पूर्व IAS अधिकारी और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव आलोक शुक्ला को अवमानना का नोटिस भेजा है। मामले में हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला को तुरंत जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

दरअसल याचिकाकर्ता शिवप्रसाद कृपाल, रमाशंकर नाग सहित कुल 56 व्यक्तियों की दैनिक भोगी कर्मचारी के रुप में चपरासी के पद पर कांकेर जिला में नियुक्ति हुई थी। 10 वर्ष की सेवाकाल के पश्चात् उन्हें नियमित नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। जिस पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सचिव स्कूल शिक्षा विभाग को मामले का निराकरण किए जाने का निर्देश दिया था।

इसे भी पढ़ें: BREAKING: पूर्व CM रमन सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति के मामले में कांग्रेस नेता की याचिका खारिज, जानिए HC ने क्या कहा 

निर्धारित समय में स्कूल शिक्षा सचिव के द्वारा हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत प्रथम अवमानना याचिका की सुनवाई जस्टिस संजय अग्रवाल की बैंच में हुई। हाईकोर्ट द्वारा प्रथम अवमानना याचिका में याचिकाकर्ताओं को पुनः सचिव के समक्ष अभ्यावेदन देने का आदेश दिया।

न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन नहीं किए जाने से क्षुब्ध याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष द्वितीय अवमानना याचिका दायर की।

इसे भी पढ़ें: 40 लाख की गाड़ी और हरकत फूलों के गमले की चोरी, Video वायरल होने के बाद एक गिरफ्तार 

अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दुर्गा मेहर द्वारा प्रस्तुत अवमानना याचिका की सुनवाई जस्टिस संजय के. अग्रवाल की बेंच में हुई। अधिवक्ताओं द्वारा इस मामले में अपनी गंभीर एवं कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई। जिसमें उन्होंने कहा कि न्यायालय अवमानना अधिनियम 1971 के तहत यह प्रावधान है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन ना कर उनकी घोर अवमानना किये जाने पर कारावास के दण्ड से दण्डित किया जाएगा। इसके बावजूद भी प्रथम अवमानना याचिका में उच्च न्यायालय द्वारा निर्देश जारी किये जाने के बावजूद भी आदेश का पालन कराए जाने के लिए याचिकाकर्ताओं को पुनः एक ही मामले में द्वितीय अवमानना याचिका दायर करने की आवश्यकता पड़ी।

इसे भी पढ़ें: OPS और NPS को लेकर सरकार ने जारी किए निर्देश, रिटायरमेंट, मृत्यु और अशक्तता में पेंशन का कैसे होगा निर्धारण, पढ़िए

मामले में 24 फरवरी 2023 को न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल के समक्ष सुनवाई हुई। जिसमें अधिवक्ताओं की गंभीर आपत्ति के पश्चात, उच्च न्यायालय द्वारा द्वितीय अवमानना याचिका को स्वीकार कर आलोक शुक्ला सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, रायपुर को अवमानना नोटिस जारी कर तत्काल अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इसे भी पढ़ें: LPG Price Hike: महंगाई का बड़ा झटका, घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों के दाम में भारी बढ़ोत्तरी, इतने बढ़े दाम

Related post

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर…

Spread the love‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान के तहत 15 एकड़ में लगाए गए 2500 से अधिक पीपल के पौधे ‘एक पेड़…
शराब घोटाला मामला- SC से अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत, छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की शर्त

शराब घोटाला मामला- SC से अनवर ढेबर को अंतरिम…

Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड में हुए घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर को अंतरिम…
जहाँ कभी पानी की थी चिंता, आज हर मौसम में जीवन का आधार बना जल स्रोत

जहाँ कभी पानी की थी चिंता, आज हर मौसम…

Spread the love00 विकसित भारत जी-राम-जी योजना से बदली वनांचल गाँवों की तस्वीर 00 जल संरक्षण के साथ रोजगार और आजीविका…